उपखनिज ढोने वाले वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं को रोको सरकार -मोर्चा

उपखनिज ढोने वाले वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं को रोको सरकार -मोर्चा

# उपखनिज परिवहन करने वाले चालकों की न्यूनतम उम्र हो 30 वर्ष अथवा 8-10 वर्ष भारी वाहन चलाने का हो अनुभव | #युवा चालक भीड़भाड़ वाले इलाके में भी दौड़ा रहे अवैध खनिज से लदे वाहन | #प्रदेश में अब तक सैकड़ों लोगों की जीवन लीला समाप्त कर चुके ये चालक | विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि मोर्चा द्वारा मा. मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर प्रदेश में उपखनिज (रेत-बजरी- पत्थर) परिवहन कर रहे वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु ड्राइविंग लाइसेंस एक्ट में आमूलचूल परिवर्तन का आग्रह किया है | नेगी ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाओं में देखा गया है कि 20-25 वर्ष के युवकों द्वारा इन वाहनों पर ड्राइवरी की जा रही है तथा कई युवा चालक लालच एवं नशे का सेवन कर वाहन चलाते हैं तथा कई मामलों में ओवरलोडिंग व अवैध उपखनिज ढो रहे वाहन चालक पकड़े जाने के डर से भी वाहन को सरपट दौड़ाते हैं, जिस कारण अब तक प्रदेश में सैकड़ों लोगों की जिंदगी समाप्त हो चुकी है तथा कई लोग अंग-भंग होने की वजह से लाचारी वाली जिंदगी जीने को मजबूर हैं | नेगी ने कहा कि इन दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सरकार को उप खनिज के परिवहन में प्रयुक्त होने वाले वाहनों के चालको हेतु उम्र कम से कम 30 वर्ष अथवा भारी वाहन चलाने का कम से कम 8-10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होना चाहिए, जिससे इनमें अनुभव के साथ-साथ गंभीरता भी आ सके |

Idea for news ke liye dehradun se amit singh negi ki report.

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