राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को 30 जनवरी तक अल्टीमेटम! – Idea for News

राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को 30 जनवरी तक अल्टीमेटम!

राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को 30 जनवरी तक अल्टीमेटम!

राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को 30 जनवरी तक अल्टीमेटम दिया है। विभिन्न मांगों को लेकर अगर सरकार ने जल्द पहल नहीं की तो कर्मचारी 31 जनवरी से बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
राज्य कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को 30 जनवरी तक अल्टीमेटम!

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प्रदेश के कई कर्मचारी संगठन एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव की रणनीति बना रहे हैं।
कर्मचारियों के आंदोलन की चेतावनी के बाद वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने कहा कि कर्मचारियों से बातचीत के बाद निकाला जाएगा। प्रकाश पंत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमेशा कर्मचारी हितों के संरक्षण का काम किया है। सातवें पे कमीशन का लाभ दिया है एरिया का भुगतान किया है।
आवास भत्ता जो हिमाचल और उत्तर प्रदेश में है उससे भी कहीं हमने ज्यादा दिया है। कर्मचारियों को सरकार से अगर कोई नाराजगी है तो उसको सुना जाएगा और बातचीत से हल निकाला जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सातवें पे कमिशन का लाभ हमने सबसे पहले कर्मचारियों को दिया।
कर्मचारियों के सभी भत्ते स्वीकृत कर दिए गए।आवास भत्ता उसमें तीन विकल्प हमारे सामने थे एक 10% वृद्धि का था एक 25% वृद्धि का था और तीसरा विकल्प सर्वाधिक उत्तम था जिसे हमने स्वीकार किया। इससे राज्य पर अतिरिक्त व्यय भार भी पड़ा है। वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारी राजनीति के शिकार नहीं होंगे और उनकी जो भी मांगे हैं उसका बातचीत के साथ ही समाधान निकाला जाएगा। 
बाईट- प्रकाश पन्त, वित्त मंत्री उत्तराखण्ड
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हर विभाग के कर्मचारियों की उनकी अपनी अपनी समस्याएं हैं। विभाग वार कुछ सीएम के स्तर पर कुछ विभाग के स्तर पर कुछ आर्थिक दृष्टि से समस्याएं होंगी। कुछ समस्याएं प्रशासनिक दृष्टि से भी होंगी। विभागों की समस्याओं का जल्द से जल्द सरकार समाधान निकालेगी। इस विषय में मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी और समस्याओं को समाधान किया जाएगा।
बाईट- डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम उत्तराखण्ड
—ग्राफिक्स—
–कर्मचारियों की प्रमुख मांगें– 
मकान किराए भत्ते की देयता 8, 12 और 16% के अनुरूप मंजूर करते हुए अन्य देय भत्तों में बढ़ोतरी की जाए 
राज्य निगम कर्मचारियों के वर्तमान में लागू एसीपी की व्यवस्था के स्थान पर पूर्व व्यवस्था के अनुरूप 10 साल, 16 साल और 26 साल की सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान दिया जाए 
ऊर्जा निगम में पूर्व व्यवस्था 9, 14 और 19 वर्ष पर वेतन मैट्रिक्स के आधार पर एसीपी दी जाए 
सभी शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में 3 प्रोन्नति और तीन एसीपी का लाभ अनिवार्य किया जाए 
प्रदेश में राज्य कर्मियों के पक्ष में जारी होने वाले शासनादेशों को एक समान रूप से सभी निगम, निकाय, संस्थान, प्राधिकरण में लागू किया जाए
शिथिलीकरण नियमावली 2010 को पूर्व की तरह लागू किया जाए 
नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए 
आयुष्मान योजना के तहत आने वाले सभी कार्मिकों को सरकारी चिकित्सालय से रेफर होने की अनिवार्यता की बाध्यता खत्म कर एक समान नीति को लागू किया जाए 
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य वर्गों की तरह स्टाफिंग पैटर्न का लाभ देते हुए ग्रेड वेतन 4200 का लाभ दिया जाए 
राजकीय वाहन चालकों को स्टाफिंग पैटर्न के प्रथम स्तर ग्रेड वेतन 2400 को नजरअंदाज कर 2800, 4200 और 4500 को मंजूर किया जाए 
एक जनवरी 2006 या उसके बाद सीधी भर्ती या पदोन्नति पर कर्मचारियों के शुरूआती वेतन का निर्धारण वित्त विभाग के ताजा शासनादेश के आधार पर हो 
आउटसोर्स कर्मियों को समान कार्य के अनुरूप समान वेतन दिया जाए
आइडिया फॉर न्यूज़ के लिए देहरादून से अमित सिंह नेगी की रिपोर्ट /

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