देहरादून। जब सत्ता और रसूख के गलियारों में जन्मदिन का मतलब अक्सर भव्य आयोजन और चमक-धमक होता है, तब उत्तराखंड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी खुशियों को समाज के अंतिम छोर पर बैठी मुस्कानों के साथ बांटकर ‘मानवीय शासन’ की एक नई मिसाल पेश की है।
सूचना महानिदेशक और उपाध्यक्ष MDDA, IAS बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन देहरादून के बनियावाला स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की नन्हीं बेटियों के साथ बेहद भावुक और सादगीपूर्ण माहौल में मनाया। छात्रावास पहुंचते ही IAS बंशीधर तिवारी के चेहरे से ‘अपर सचिव’ का प्रशासनिक आभामंडल हट गया और वे एक स्नेहिल अभिभावक के रूप में बच्चों के बीच नजर आए।
सादगी का संदेश: किसी मंच या लंबे भाषण के बजाय, वे जमीन पर बच्चों के साथ बैठे, उनके साथ केक काटा और उनकी पढ़ाई-लिखाई पर चर्चा की।उन्होंने उन बच्चियों से उनके सपनों के बारे में बात की, जो कभी कूड़ा बीनने या भीख मांगने जैसी विषम परिस्थितियों से निकलकर यहाँ पहुंची हैं। उनके लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं था।
भावुक कर देने वाली प्रस्तुतियां
छात्रावास की बालिकाओं ने जब स्वागत गीत प्रस्तुत किए, तो पूरा माहौल ‘अपनत्व’ से भर गया। निराश्रित और एकल अभिभावक वाली इन बच्चियों की आंखों में उम्मीद की चमक साफ देखी जा सकती थी। बच्चों ने महसूस किया कि समाज की मुख्यधारा और शासन के शीर्ष पर बैठे लोग उन्हें भूले नहीं हैं।
इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। उन्होंने एक पौधे की तुलना इन बालिकाओं से करते हुए कहा कि जैसे एक छोटा पौधा कल का विशाल छायादार वृक्ष बनता है, वैसे ही सही शिक्षा और स्नेह पाकर ये बेटियां राष्ट्र निर्माण में अपनी बड़ी भूमिका निभाएंगी।
