गरीब वृद्धजनों को ₹500 केंद्रीय अंश ही दे दो सरकार- मोर्चा

गरीब वृद्धजनों को ₹500 केंद्रीय अंश ही दे दो सरकार- मोर्चा

# राज्य में वृद्धावस्था पेंशन पति- पत्नी में से सिर्फ एक को दिए जाने का है प्रावधान| #80 वर्ष के बुजुर्गों को मिलती है ₹500 केंद्र अंश के रूप में | #सरकार नहीं देना चाहती गरीबों को लाभ | विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में वृद्धजनों हेतु वृद्धावस्था पेंशन पति- पत्नी (दंपति) में से मात्र एक को ही दिए जाने का प्रावधान रखा गया है, जबकि 4-5 वर्ष पहले तक पति-पत्नी दोनों को पेंशन मिलती थी | *महत्वपूर्ण तथ्य है कि उक्त मामले में केंद्र सरकार द्वारा पति-पत्नी दोनों को पेंशन दिए जाने का प्रावधान है तथा केंद्रीय अंश के रूप में 60 से 79 वर्ष के वृद्धों हेतु ₹200 तथा 80 से ऊपर आयु के गरीब बुजुर्गों हेतु 500 रुपए का प्रावधान है, लेकिन सरकार गरीबों को इसका लाभ नहीं देना चाहती | अगर सरकार 80 वर्ष के ऊपर आयु वर्ग के वृद्धावस्था पेंशन से वंचित वृद्धजनों को पेंशन के रूप में केंद्रीय अंश ही जारी कर दे तो गरीबों की मुश्किलें काफी हल हो सकती हैं |* नेगी ने कहा कि राज्य सरकार अगर केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता ₹500 ही दे दे तो राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा | *बड़े शर्म की बात है कि जब विधायकों /सांसदों को अपनी पेंशन, वेतन- भत्तों व सुविधाओं को बढ़ाना होता है तो एक ही झटके में बिल पास हो जाता है, लेकिन गरीबों के समय बजट/ धन का अभाव हो जाता है |* नेगी ने कहा कि अधिकांश गरीब दंपत्ति इसी पेंशन के सहारे अपनी गुजर-बसर कर रहे थे, लेकिन सरकार को यह नागवार गुजर रहा है| मोर्चा ने सरकार से मांग करता है कि 80 से ऊपर की आयु के गरीब वृद्ध जनों को कम से कम केंद्रीय अंश ₹500 प्रतिमाह पेंशन के रूप में ही जारी कर दे | पत्रकार वार्ता में- अमित जैन व सुशील भारद्वाज मौजूद थे |

Idea for news ke liye dehradun se amit singh negi ki report.

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