पंत युनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू साईन किया

धानुका एग्रीटेक ने कृषि रसायनों पर अध्ययन तथा ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देन के लिए जीबी पंत युनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू साईन किया

 

पंतनगर, 21 दिसम्बरः अग्रणी एग्रो-कैमिकल फर्म धानुका एग्रीटेक ने मंगलवार को फसलों की सुरक्षा करने वाले रसायनों पर संयुक्त अध्ययन के लिए पंतनगर की गोविंद वल्लभभाई युनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एण्ड टेक्नोलॉजी (GBPUA&T) के साथ एक एमओयू साईन किया।

युनिवर्सिटी की ओर से एक्सपेरिमेन्ट स्टेशन के डायरेक्टर डॉ अजीत सिंह नैन ने तथा धानुका एग्रीटेक लिमिटेड की ओर से वाईस प्रेज़ीडेन्ट (आर एण्ड डी) डॉ अजीत सिंह तोमर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत धानुका एग्रीटेक और युनिवर्सिटी फसलों की उत्पादकता और उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे।

कंपनी और युनिवर्सिटी एक साथ मिलकर फसलों की सुरक्षा करने वाले रसायनों पर संयुक्त रूप से अध्ययन करेंगे।

एमओयू के तहत कृषि विस्तार सेवाओं के लिए जागरुकता प्रोग्राम का आयोजन भी किया जाएगा।

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे ड्रोन के उपयोग, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स एवं प्रेसीज़न कृषि के बारे में जानकारी दी जाएगी।

एमओयू के तहत धानुका एग्रीटेक सम्मेलन में हिस्सा लेगा और इसे स्पॉन्सर भी करेगा। साथ ही पीजी छात्रों को छात्रवृत्ति भी देगा।

पंत युनिवर्सिटी के साथ इस एमओयू के बारे में बात करते हुए श्री आर. जी. अग्रवाल, ग्रुप चेयरमैन, धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने कहा, ‘‘जीपी पंत जैसे संस्थान के साथ यह साझेदारी कृषि एवं इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों में अनुसंधान को बढ़ावा देने में मददगार होगी। इसके लिए हम अनुसंधान कार्य करने वाले प्रतिभाशाली पीजी छात्रों को छात्रवृत्ति भी देंगे।’

‘हम पंत युनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित सम्मेलन एवं किसानों के प्रशिक्षण प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे तथा इसे स्पॉन्सर भी करेंगे।’ श्री अग्रवाल ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा।

युनिवर्सिटी अपने फार्म्स एवं किसानों के खेतों में धानुका के नए प्रोडक्ट्स/ मोलीक्यूल्स का प्रदर्शन/ परीक्षण भी करेगी। इन परीक्षणों के परिणामों का उपयोग व्यवहारिक प्रक्रियाओं में किया जाएगा।

साथ ही साथ यह एमओयू किसानों के द्वारा एआई/एमएल तकनीकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करेगा।

कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग पर ज़ोर दिया जाएगा।

हाल ही में सेंटर ने कृषि रसायन छिड़कने के लिए ड्रोन के उपयोग हेतु स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया जारी की है।

धानुका ड्रोन के माध्यम से कीटों के प्रबन्धन के लिए युनिवर्सिटी की बायो-एफीकेसी एवं फाइटो-टॉक्सिसिटी परियोजनाओं को भी स्पॉन्सर करेगी।

धानुका के आर एण्ड डी विभाग में एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वस्तरीय प्रयोगशालाएं हैं।

कंपनी ने यूएस, जापान और यूरोप सहित दुनिया की अग्रणी सात कृषि रसायन कंपनियों के साथ अन्तर्राष्ट्रीय साझेदारियां भी की हैं।

Idea for news ke liye dehradun se  amit singh negi ki report.

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